बलमा भेलइ शराबी गे बहिना जरि गेल हमर कपार ।
प्रेम वचन कहियो ने सुनइ छी,
सुख सेनुर के किछु ने बुझइ छी
जिनगी कोनाके सम्हारी गे बहिना जरि गेल हमर कपार ।
आध पहर राति मे घर आबइ
बेहोशी मे हमरा जगाबइ
मोनक सेहन्ता पजारी गे बहिना जरि गेल हमर कपार ।
हमरा त' तिल तिल तरसाबइ
छाती सं बोतल के लगाबइ
नोरे भीजइये साड़ी गे बहिना जरि गेल हमर कपार ।
कोन जनम के तप चूक कयलौं
सोना सन तन माटि मिलयलउँ
दैव देलनि दु:ख भारी गे बहिना जरि गेल हमर कपार ।
डा0 चन्द्रमणि.
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