दीप'क की काज स्वयं दीप छी अहाँ,प्रिये इन्द्रपरियो सं नीक छी अहाँ।
बाट मे चलइ छी निज नयना झुकाय,अपरूप इ रूप देखि फूलो लजाय,
भागवन्त भमराक मीत छी अहाँ,प्रिये इन्द्रपरियो सं नीक छी अहाँ। दीप'क की..
कोन वर मांगइ ले मंदिर चलल,पूजाक अगर गुगुल गमगमा रहल,
प्रेम केर प्रतिमा पुनीत छी अहाँ,प्रिये इन्दरपरियो सं नीक छी अहाँ।दीप'क की..
मोनकेर बात गीत बनिक' चलल,कोइलीक गीत बोल कंठे रहल,
कृष्ण केर बाँसुरीक गीत छी अहाँ,प्रिये इन्द्रपरियो सं नीक छी अहाँ। दीप'क की..
एक दरस परस ले मलान भेल छी,कल्पना सं "चन्द्रणणि" उतान भेल छी,
बिनु परिचय जानल सन प्रीत छी अहाँ,प्रिये इन्द्रपरियो सं नीक छी अहाँ। दीप'क की काज..
डा0 चन्द्रमणि.
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